वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

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अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो

अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो