रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु
तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु
तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है