मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
सुनो जान तुम मेरी पहली और आखरी पसंद नहीं बल्कि तुम मेरी एकलौती पसंद हो
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
सुनो जान तुम मेरी पहली और आखरी पसंद नहीं बल्कि तुम मेरी एकलौती पसंद हो