आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!