“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!