झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

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हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता

ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता

ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं