झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

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मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता