नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |