नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती