गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

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अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!