तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

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जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे

ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे

ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे