मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है