जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

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में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है