जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

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शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो

शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो