गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए