जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ.
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ.
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।