लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं