अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो