दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा