जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…
जलना जलाना यह सब फ़ुज़ूल है, अपने काम में मस्त रहना यह अपना उसूल है
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…
जलना जलाना यह सब फ़ुज़ूल है, अपने काम में मस्त रहना यह अपना उसूल है