तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

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रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…

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लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!