दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..