मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!