शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

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दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही