शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है

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लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते

ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते

ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो