मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..