मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं