पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है

पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है

Share:

More Like This

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए