फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..