शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!