मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा