बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

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मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ | नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये |

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए

खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ | नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये |

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए

खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥