फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे
फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे