किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।