ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
हम अपना #status दिलो पर #update करते है #facebook पर नहीं|
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
हम अपना #status दिलो पर #update करते है #facebook पर नहीं|
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती