कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |