परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो

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गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

Ek वो ‪pagali‬ हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे ‪Status‬ ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

Ek वो ‪pagali‬ हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे ‪Status‬ ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है