मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं