जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

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समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

ये जो हालात है मेरे एक दिन सुधर जाएगे मगर काफी लोग मेरे दिल से उतर जाएगे.

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

ये जो हालात है मेरे एक दिन सुधर जाएगे मगर काफी लोग मेरे दिल से उतर जाएगे.