खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं