बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा
जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है