जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

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अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है