वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
अहंकार में तीनों गए धन, वैभव और वंश यकीन न आये तो देख लो रावण कौरव और कंस
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं