गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!