जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

Share:

More Like This

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं

सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं

सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं