जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

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अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं