दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

Share:

More Like This

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।