दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

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लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!

लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!