दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

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हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो

हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो

हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं

जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे