नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता

नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता

Share:

More Like This

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं

हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं

हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै