सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं
सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं