हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो