फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

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शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||

पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||

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क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!