फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

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सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

ऐटिटूड तो बच्चे दिखाते है हम तो लोगो को उनकी औकात दिखाते है

हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

ऐटिटूड तो बच्चे दिखाते है हम तो लोगो को उनकी औकात दिखाते है

हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती