पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |