मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.