इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
वो तुम्हे डोमिनोस के लिए कहेगी लेकिन तुम भंडारे पर अड़े रहना
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
कुछ लोग जितना मर्जी खा ले, वो मोटे नहीं होते और कुछ लोग Online Pizza की फोटो भी देख ले तो एक किलो वजन भर जाता है!
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
वो तुम्हे डोमिनोस के लिए कहेगी लेकिन तुम भंडारे पर अड़े रहना
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
कुछ लोग जितना मर्जी खा ले, वो मोटे नहीं होते और कुछ लोग Online Pizza की फोटो भी देख ले तो एक किलो वजन भर जाता है!