बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
टिकटोक वाले खुद को बॉलीवुड स्टार समझते हैं और पब जी वाले खुद को आर्मी के जवान
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!
बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
सब लोग बुरे नहीं होते कुछ लोगों का दिमाग खराब होता है
बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
टिकटोक वाले खुद को बॉलीवुड स्टार समझते हैं और पब जी वाले खुद को आर्मी के जवान
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!
बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
सब लोग बुरे नहीं होते कुछ लोगों का दिमाग खराब होता है