ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो

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*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*

तीन ही असूल हैं मेरी ज़िन्दगी के आवेदन निवेदन और फिर भी न माने तो दे दना दन

क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!

किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो

चार बोटल ‪पेपसी‬ ...कार मेरी ‪‎टेक्सी‬..फोन मेरा ‪गेलेक्सी‬..माल मेरा ‪सेक्सी‬ ????

*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*

तीन ही असूल हैं मेरी ज़िन्दगी के आवेदन निवेदन और फिर भी न माने तो दे दना दन

क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!

किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो

चार बोटल ‪पेपसी‬ ...कार मेरी ‪‎टेक्सी‬..फोन मेरा ‪गेलेक्सी‬..माल मेरा ‪सेक्सी‬ ????