ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो

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मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ

गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं

कोई शिकायत अपने दिल में कभी नहीं रखना, यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है

इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति

क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..

मेरी Girlfriend भी iPhone 7 जैसी है.. अभी तक Launch नहीं हुई

मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ

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