*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
Diabetes का डर इतना बढ़ गया है के मीठा खाना तो छोड़ ही दिया है बल्कि मीठा बोलना भी छोड़ दिया है
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं
किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो
*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
Diabetes का डर इतना बढ़ गया है के मीठा खाना तो छोड़ ही दिया है बल्कि मीठा बोलना भी छोड़ दिया है
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं
किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो