जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे
जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे