घर वालो चिन्ता है इसको कोन मिलेगी, ओर दोस्तो चिन्ता है इसको ओर कितनी मिलेगी ????
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ
फैन तो हमारे भी बहुत हैं पर सर्दी की वजह से घरवाले चलाने नहीं देते हैं
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
घर वालो चिन्ता है इसको कोन मिलेगी, ओर दोस्तो चिन्ता है इसको ओर कितनी मिलेगी ????
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ
फैन तो हमारे भी बहुत हैं पर सर्दी की वजह से घरवाले चलाने नहीं देते हैं
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.