बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
दर्द को भी आधार कार्ड से जोड़ दो जनाब, जिन्हे मिल गया हो, उन्हे दोबारा ना मिले.
*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानिया है
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
दर्द को भी आधार कार्ड से जोड़ दो जनाब, जिन्हे मिल गया हो, उन्हे दोबारा ना मिले.
*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*
एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानिया है
पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?