अंग्रेजी की किताब बन गई हो तुम | पसंद तो आती हो पर समझ् मे नही ||

अंग्रेजी की किताब बन गई हो तुम | पसंद तो आती हो पर समझ् मे नही ||

Share:

More Like This

देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.

बकवास करते रहना चाहिए मन लगा रहता है

मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ

गर्लफ्रेंड: तुम्हारा दिमाग एकदम सड़ गया है। पप्पू: हां, शायद तुम्हें ज्यादा पता है। रोज-रोज खाती जो रहती हो।

देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.

बकवास करते रहना चाहिए मन लगा रहता है

मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ

गर्लफ्रेंड: तुम्हारा दिमाग एकदम सड़ गया है। पप्पू: हां, शायद तुम्हें ज्यादा पता है। रोज-रोज खाती जो रहती हो।