किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..
ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो
शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
बोर होने पे MSG करेगा तो रिप्लाई भी फ्री होने पे मिलेगा
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !
क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..
ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो
शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
बोर होने पे MSG करेगा तो रिप्लाई भी फ्री होने पे मिलेगा
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला