जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
कुछ लोगो की सेल्फी देखकर लगता हैं कि उनके फोन में फ्रंट कैमरे की जगह पिस्तौल होनी चाहिए थी
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ
दर्द को भी आधार कार्ड से जोड़ दो जनाब, जिन्हे मिल गया हो, उन्हे दोबारा ना मिले.
गर्लफ्रेंड: तुम्हारा दिमाग एकदम सड़ गया है। पप्पू: हां, शायद तुम्हें ज्यादा पता है। रोज-रोज खाती जो रहती हो।
जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
कुछ लोगो की सेल्फी देखकर लगता हैं कि उनके फोन में फ्रंट कैमरे की जगह पिस्तौल होनी चाहिए थी
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ
दर्द को भी आधार कार्ड से जोड़ दो जनाब, जिन्हे मिल गया हो, उन्हे दोबारा ना मिले.
गर्लफ्रेंड: तुम्हारा दिमाग एकदम सड़ गया है। पप्पू: हां, शायद तुम्हें ज्यादा पता है। रोज-रोज खाती जो रहती हो।