इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानिया है
जल्दी का काम शैतान का होता है..इसलिए हम तो सोते भी लेट हैं और उठते भी लेट है!
ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानिया है
जल्दी का काम शैतान का होता है..इसलिए हम तो सोते भी लेट हैं और उठते भी लेट है!
ठंड तो आज ऐसे पढ़ रही है जैसे कल उसका पेपर हो
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?