कुछ दोस्त पकोड़े जैसे होते हैं थोड़ा सा ध्यान ना दो तो जल जाते हैं

कुछ दोस्त पकोड़े जैसे होते हैं थोड़ा सा ध्यान ना दो तो जल जाते हैं

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जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी

इतना भी मत घुमा ऐ जिन्दगी मै शहर का शायर हु कोई MRF का टायर नही

वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा

*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...

जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी

इतना भी मत घुमा ऐ जिन्दगी मै शहर का शायर हु कोई MRF का टायर नही

वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा

*हर किसी को सफ़ाई मत दीजिये* *आप इंसान हैं, डिटर्जेंट नहीं...*

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...