गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं

गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं

Share:

More Like This

अगर कोई आपसे बेवजह नफरत करता है तो एक ज़ोरदार थप्पड़ मार कर उसे वजह दे दो

पढ़ना लिखना त्याग, नक़ल से रख आस, ओढ़ रजाई सो जा बेटा, रब करेगा पास

वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा

बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।

देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे

जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी

अगर कोई आपसे बेवजह नफरत करता है तो एक ज़ोरदार थप्पड़ मार कर उसे वजह दे दो

पढ़ना लिखना त्याग, नक़ल से रख आस, ओढ़ रजाई सो जा बेटा, रब करेगा पास

वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा

बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।

देश के युवा जाग चुके हैं अब ये उठेंगे ब्रश करेंगे और Whatsapp चलाएंगे

जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी