व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
हम रिश्तों को और अधिक बेहतरीन बना सकते है अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके कि सामने वाला गलत नही है सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग हैं
जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,
सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
हम रिश्तों को और अधिक बेहतरीन बना सकते है अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके कि सामने वाला गलत नही है सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग हैं
जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,
सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं