मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

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कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है

ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता

खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं

किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"

कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है

ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता

खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं

किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"