"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."

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अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।

इंसान के अंदर ही समा जाए, वो स्वाभिमान होता है... और जो बाहर छलक जाए वो अभिमान होता है...

परेशानियां हमारी कमजोरियां साबित नही करती बल्कि यह बताती है कि हमे और

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।

इंसान के अंदर ही समा जाए, वो स्वाभिमान होता है... और जो बाहर छलक जाए वो अभिमान होता है...

परेशानियां हमारी कमजोरियां साबित नही करती बल्कि यह बताती है कि हमे और

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं