अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.