पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

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मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका

किसी के पैरो मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लो |

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है

सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।

मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका

किसी के पैरो मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लो |

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है

सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।